शनिवार, 5 सितंबर 2015

Lord Krishna: 028-ओ ! मन मोहक मुरली वाले (Hindi Poem-H006/00406)...

Lord Krishna: 028-ओ ! मन मोहक मुरली वाले (Hindi Poem-H006/00406)...:                                                            ओ ! मन मोहक मुरली वाले (Hindi Poem...

028-ओ ! मन मोहक मुरली वाले (Hindi Poem-H006/00406)


  •                                                            ओ ! मन मोहक मुरली वाले
  • (Hindi Poem-H006/00406)

    तेरी अदा, पे फिदा जमाना,
    साज बजाता,पल -2 गाता,
    हर पल लाता, नया तराना
    खोलो ! अब तो बन्द दिलो के ताले
    ओ ! मन मोहक मुरली वाले I1I

    गीत प्रेम के मिल के गाते,
    दिल से तुझको सभी मनाते,
    सोया अपना भाग्य जगाते,
    ओ ! दुनिया के रखवाले
    ओ ! मन मोहक मुरली वाले I2I

    प्रेम का तूने पाठ पढ़ाया,
    बगिया महकी, रास रचाया,
    दुष्टों को तू राह हटाया ,
    हम ढूँढ रहे मतवाले,
    ओ ! मन मोहक मुरली वाले I3I

    मीठी मुरली तूने बजाई,
    प्रेम की तूने अलख जगाई,
    प्रेम की दुनिया तूने बसाई,
    कहाँ छिपा,ओ! वृन्दावन के ग्वाले
    ओ ! मन मोहक मुरली वाले I4I

    तेरा जीवन रहस्य कहानी,
    हरदम सुनते. सबकी जुबानी ,
    ताकत तेरी दिल से मानी,
    पल में तोड़े तूने ताले,
    ओ ! मन मोहक मुरली वाले I5I

    जो भी वृन्दावन में आया,
    रहस्य जान अज्ञान मिटाया,
    तुझको समझा ,मुक्ति पाया,
    हां ! उपदेश तेरे बड़े निराले,
    ओ ! मन मोहक मुरली वाले I6I

    शरण में तेरी जो भी आता,
    भेद भाव सब मिट जाता ,
    सबका रहता तू ही दाता,
    हम भी करते तेरे हवाले
    ओ ! मन मोहक मुरली वाले I7I

    फिर से पधारो मेरे देश ,
    महका दो प्यारा ,अपना देश,
    प्रेम शातिं का दे संदेश,
    भ्रम को तो ड़ो जो भी पाले
    ओ ! मन मोहक मुरली वाले I8I

    तेरी अदा, पे फिदा जमाना,
    साज बजाता,पल -2 गाता,
    हर पल लाता, नया तराना
    खोलो ! अब तो बन्द दिलो के ताले
    ओ ! मन मोहक मुरली वाले !!
    I
    Wish You all Happy,healthy and prosperous Janmashtmi )
    (अर्चना & राज)